12 जुलाई 2011 - 19:30

सीरिया में राष्ट्रीय वार्ता 18 अनुच्छेदों के साथ कल संपन्न हुयी। इस वार्ता में भाग लेने वालों ने सीरिया के महत्वपूर्ण राजनैतिक विषयों पर विचार विमर्श के पश्चात सीरिया के आंतरिक मामलों में विदेशियों के हस्तक्षेप पर कड़ा विरोध जताया। सीरिया की राष्ट्रीय वार्ता के घोषणापत्र में वार्ता को सीरिया के संकट के अंत का एक मात्र मार्ग बताया गया।

सीरिया में राष्ट्रीय वार्ता 18 अनुच्छेदों के साथ कल संपन्न हुयी। इस वार्ता में भाग लेने वालों ने सीरिया के महत्वपूर्ण राजनैतिक विषयों पर विचार विमर्श के पश्चात सीरिया के आंतरिक मामलों में विदेशियों के हस्तक्षेप पर कड़ा विरोध जताया। सीरिया की राष्ट्रीय वार्ता के घोषणापत्र में वार्ता को सीरिया के संकट के अंत का एक मात्र मार्ग बताया गया। इस वार्ता के घोषणा पत्र में सभी गिरफ़तार लोगों की रिहाई, एक राष्ट्रीय आवश्यकता के सामन शांति व स्थाइत्व की रक्षा और सीरिया में बड़े स्तर पर सुधार के लिए गैरेंटी जैसे बिन्दुओं पर विशेष रूप से बल दिया गया है। इस घोषणापत्र के बारहवें अनुच्छेद में आया है कि सीरिया के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप सीरिया के लिए लाल रेखा के समान है और मानवाधिकार जैसे विषयों के बहाने इस देश की संप्रभुता को हानि नहीं पहुंचनी चाहिए क्योंकि किसी को सीरिया की संप्रभुता के उल्लंघन का अधिकार नहीं है।सीरिया की राष्ट्रीय वार्ता में भाग लेने वालों ने जनता की मांग को पूरा करने के एक मार्ग के रूप में इस देश के संविधान में पूर्णतः परिवर्तन पर सहमति जतायी। भाग लेने वालों ने सीरिया के संविधान की धारा आठ पर पुनर्विचार के लिए एक समिति के गठन की मांग की। सीरिया के संविधान में केवल सत्ताधारी बास पार्टी को ही इस देश के समाज के नेतृत्व का अधिकार दिया गया है।इस बैठक में भाग लेने वालों में से एक मनार हारून ने कहाः यह बैठक सही दिशा में एक क़दम है। सीरिया की राष्ट्रीय वार्ता के लिए आरंभिक वार्ता समिति के सदस्य जार्ज जबूर ने भी राष्ट्रीय वार्ता के आरंभ को सीरिया के इतिहास में एक नए चरण के जन्म की संज्ञा दी और बल दिया कि इस प्रक्रिया से एक नई सरकार का उदय होगा। जबूर ने कहा कि राष्ट्रीय वार्ता के साथ हमने प्रजातंत्र की दिशा में बहुत सही क़दम उठाया है।(एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)..........166